मिर्ची सेठ और सटोरिए में हुआ जमकर बबाल, थाने पहुंचा मामला, राजीनामें में हुआ तब्दील | Shivpuri News


शिवपुरी। अपने समय में सट्टे का बोलबाला रखने वाला एक सटोरिया शनिवार को रोज 14 नं.कोठी क्या पहुंच गया, यहां उसकी पुरानी रंजिश लेन-देन को लेकर शहर के एक मिर्ची सेठ से अदावत चली आ रही थी। सूत्रों ने बताया है कि इसी दौरान शराब के नशे में धुत्त मिर्ची सेठ ने सरेआम गाली-गलौज करते हुए इस सटोरिए के साथ गाली-गलौज की और इसी दौरान दोनों में खूब झूमाझटकी हुई व मारपीट तक हो गई जिसमें बताया गया कि मिर्ची सेठ के यहां खून तक निकल आया। इस झगड़े की सूचना पुलिस थाना कोतवाली को लगी तो वह पुलिस बल के साथ दोनों ही झगड़ालूओं को थाना कोतवाली लेकर पहुंची जहां काफी जो-जहोद्दत के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों से राजनीमा करा लिया। सूत्रों ने बताया है कि इस मामले में पुलिस ने भी शहर के दोनों ख्यातिनाम मिर्ची सेठ और सटोरिए के बाद अब कॉस्मेटिक का कारोबार करने वाले सटोरिए को काफी डराया धमकाया साथ ही पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करते हुए दोनों को हवालात भेजने की भी तैयारी की तभी मामला जब सेट हो गया तो पुलिस ने भी अपनी बांछे फैलाकर दोनों को थाने से रवानगी दे डाली।
यहां इस मामले से जुड़े सूत्र बताते है कि मिर्ची सेठ ने पूर्व एसडीएम रह चुके गुर्जर के नाम पर काफी कुछ मालमत्ता समेटा है और इस मालमत्ते को वह अब दारूबाजी और गुण्डागिर्दी सहित अन्य काले कारोबार में अपनी कमाई लगा रहा है जिसके चलते इस मिर्ची सेठ ने भरे बाजार में अपनी दुमंजिला इमारत तक बना ली और अब उसे किराए पर उठाने की तैयारी में है ताकि घर बैठे ही लाखों के बारे-न्यारे किए जा सके। एसडीएम के ताुल्लुकाता संबंधों के आधार पर मिर्ची सेठ ने ही जहां गुटखा कारोबार पर अपनी पैनी नजर गढ़ाई तो वहीं दूसरी ओर नमो नगर में डुप्लैक्स तुड़ाई में भी अच्छा खासा मालमत्ता समेटकर अपनी जेबें भरी है जबकि इस पूरे मामले में एसडीएम को तो जैसे कानों-कान खबर ही नहीं हुई वह तो उड़ती हुई खबरों के आधार पर मिर्ची सेठ से इस मामले में सच्चाई उलगवाते रहे बाद में कहीं चर्चाओं में मिर्ची सेठ और एसडीएम की जुगलबंदी लोगों के सामने आई। इसके अलावा मिर्ची सेठ की का यह काला कारोबार ब्लैकमेलिंग के रूप में भी सामने आया जहां कई कॉलोनाईजर से यह पाईलेन्ट पार्टनरशिप बनाने की जुगत में है जो उसे शामिल नहीं करता उसी कॉलोनाईजर को यह एसडीएम के नाम पर दबाब बनाकर रकम ऐंठता और जो राशि नहीं मिलती तो कोई ना कोई कारण बताकर कॉलोनाईजर को भी नुकसान पहुंचाता तो वहीं दूसरी ओर एसडीएम को भी अंधेरे में रखकर इस तरह का कारोबार मिर्ची सेठ द्वारा आए दिन किया जाता रहता। ताजा मामला भी इसी तरह का है जिसमें मिर्ची सेठ शराब के नशे में धुत्त होकर अपने पुराने यार कॉस्मेटिक कारोबारी जो पूर्व में सटोरिए का काम करता था उससे लेन-देन को लेकर विवाद किया और बाद में आपस में मारपीट हो गई तभी पुलिस को भनक लगी तो यह कोतवाली जा पहुंचे जहां पुलिस ने भी खूब हुज्जत की और यह मामला काफी कुछ लेन-देन के साथ राजीनामे में तब्दील हो गया।
इनका कहना है
किसी मामूली बात पर दोनों में झगड़ा हो गया था जब इन्हें थाने लाया गया तो किसी ने एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज नहीं कराई और कोई मामला पंजीबद्ध नहीं किया गया।
बादाम सिंह यादव
टीआई, कोतवाली, शिवपुरी
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