कोरोना का एटीएम : एटीएम पर नहीं सेनेटाइजर, सता रहा संक्रमण का खतरा | Shivpuri News


डॉक्टरों के अनुसार कोरोनावायरस प्लास्टिक पर 72 घंटे और स्टील पर 48 घंटे जिंदा रहता है

एटीएम के गेट हैंडल को कस्टमर पहले छूता है, फिर पैसे निकलवाने के लिए स्टील व प्लास्टिक के बटनों को टच करता है

शिवपुरी।  कोविड-19 महामारी से पूरा देश लॉकडाउन के चौथे चरण में कर जाएगा। इस महामारी को लेकर स्वास्थ्य विभाग बड़ा सजग है। इसको देखते हुए फास्ट समाचार संवाददाता ने शहर के विभिन्न स्थानों पर स्थित बैंकों के अंदर स्थापित एटीएम व बैंक से अलग एटीएम पर जाकर पड़ताल की। यहां एटीएम प्रयोग करने आने वाले उपभोक्ताओं के लिए बैंक की ओर से सैनिटाइजर की व्यवस्था की पड़ताल की। लेकिन कहीं पर भी सैनिटाइजर नहीं मिला। जिससे एटीएम से रुपए निकालते समय लोगों को संक्रमण का खतरा सता रहा है। 

सरकार के निर्देश के बाद भी शहर के अधिकांश एटीएम पर सैनिटाइजर की व्यवस्था नहीं की गई है। ऐसे में कोई भी काेराेना व्यक्ति संक्रमण का शिकार हो सकता है। गौरतलब है कि शहर में दो दर्जन से ज्यादा एटीएम हैं। बैंक प्रबंधकों ने एटीएम और शाखाओं में सैनेटाइजर की व्यवस्था के लिए फंड जारी किया गया है, लेकिन अधिकांश एटीएम पर सेनेटाइजर कराने वाला कोई नहीं है। फास्ट समाचार ने शहर के न्यूब्लॉक, कोर्ट रोड, झांसी तिराहा, आर्य समाज रोड, सब्जी मंडी रोड, कोतवाली रोड, अस्पताल चौराहा, नीलगर चौराहा, पुरानी शिवपुरी, कलेक्ट्रेट रोड सहित कई स्थानों पर लगे एटीएम को जाकर देखा। इसमें सेे कुछ एटीएम पर ही सैनिटाइजर की व्यवस्था दिखी। यह लापरवाही पैसा निकालने वालों के लिए भारी पड़ सकती है। 

डॉक्टरों के अनुसार कोरोनावायरस प्लास्टिक पर 72 घंटे और स्टील पर 48 घंटे जिंदा रहता है। ऐसे में एटीएम के गेट हैंडल को कस्टमर पहले छूता है। फिर पैसे निकलवाने के लिए स्टील व प्लास्टिक के बटनों को टच करता है। पैसे निकालने से पहले व बाद में हाथों को सैनिटाइजर करना जरूरी है।


बैंककर्मियाें के स्वास्थ्य काे भी खतरा है

शहर की कई बैंक शाखाओं में भी लापरवाही है। बैंक शाखाओं के बाहर खड़े गार्ड नहीं भी कस्टमर के हाथों काे सेनेटाइज कराए नहीं करा रहे हैं। बैंक शाखाओं में कई कर्मचारी फेस कवर का इस्तेमाल भी नहीं कर रहे हैं। कस्टमरों के साथ बैंककर्मियों के संक्रमित होने का खतरा है। कुछ बैंकों के गार्ड हैंड सैनिटाइज के साथ सीमित संख्या में ही कस्टमरों काे अंदर जाने दे रहे थे। वहीं सुबह से ही बैंकों के बाहर उपभोक्ताओं की भारी भीड़ देखी जा सकती है जहां पर बिलकुल भी सुरक्षित दूरी का पालन नहीं हो रहा है।
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