ग्राम दुल्हारा में गरीब आदिवासियों को नही मिल रहा खाद्यान्य ,खाने को हुए मोहताज | Pohari News


शिवपुरी, पोहरी। कोरोना वायरस के कारण लोक डाउन लगा हुआ है। और आमजन का जीवन रुक सा गया है ओर गरीब वर्ग भूखा न रहे इसके लिए मध्यप्रदेश सरकार ने उचित मूल्य की दुकान एवं जनपद स्तर से गरीब लोगों तक खाद्यान्न पहुँचाने की भरपूर कोशिश कर रही हैं। वही ग्राम पंचायत सचिव अपनी जिम्मेदारियों से भागते नजर आ रहे हैं। खबर जिले के पोहरी जनपद के ग्राम पंचायत दुल्हारा की हैं। जहाँ पर आदिवासी समाज के लोगो को खाद्यान्न ही नही मिला ओर यह गरीब तबका दाने दाने को मोहताज हो गया हैं। 

ग्रामीणों ने बताया कि राशन कार्ड होने के बावजूद भी हमे उचित मूल्य की दुकान दूल्हारा से खाद्यान्न नही मिल रहा हैं। आदिवासी युवक तुलाराम आदिवासी ने बताया कि चार वर्ष से उसे बीपीएल कार्ड होने के बाद भी आजतक खाद्यान्न नही मिला हैं। ओर अब कोरोना वायरस के चलते लोक डाउन लगा हुआ है और हमारे काम धंधे बंद पड़े हुए है तब हम अपने परिवार का भरण पोषण कैसे करें। खाद्यान्न पर्ची न होने के कारण शाशकीय उचित मूल्य दुकान संचालक हमे आईडी ऑनलाइन न होने के कारण वहाँ से वापिस कर देता है और ग्राम पंचायत दूल्हारा सचिव के पास जाने पर भी कोई सुनवाई नही होती है 
वही दूसरे ग्रामीण आदिवासी युवक अमर सिंह आदिवासी ने बताया कि उसके पास पर्ची भी नही है और सचिव ऊपर से पर्ची आने की बात कह कर टालता रहता है ग्रामीणों को राशनकार्ड बनने के बाद भी 4 वर्ष से खाद्यान्न नही मिला है वही ग्रामीणों की सुनने वाला कोई नही दिख रहा है
आदिवासी परिवार के लभगभ 25 से 30 परिवार ऐसे है जिनका राशन कार्ड तो 4 वर्ष पूर्व बन चुका है परंतु खाद्यान्न पर्ची न मिलने के कारण यह आजतक खाद्यान्न से वंचित है यह इन लोगो की भूखे मरने की नोबत आ गयी है

इनका कहना हैं
मैने आदिवासी परिवार के राशन कार्ड पर्ची के बारे में बहुत बार पूर्व के एवं वर्तमान फ़ूड इंपेक्टर को कह चुका हूँ, पर्ची भोपाल से रुकी हुई है
लक्षमण धाकड़ 
सचिव

इनका कहना हैं
खाद्यान्न पर्चियां भोपाल से रुकी हुई है 
फिर भी मैं इस मामले को दिखवा लेती हूँ
पल्लवी वैध
एसडीएम
और नया पुराने