सरपंच के सचिव एवं रोजगार सहायक पर गंभीर आरोप,वरिष्ठ अधिकारियों से लगाई जांच की गुहार | Pichore News


सरपंच की हस्ताक्षर डिवाइस लगाकर सचिव ने निकाली लाखों रुपये की राशि,नही कराया निर्माण कार्य

शिवपुरी। गांव का मुखिया एक सरपंच होता है जो जनता द्वारा सीधा चुना जाता है और यह चुना हुआ जनप्रतिनिधि गांव को सुचारू रूप से चलाता है लेकिन यदि मुख्य सचिव एवं रोजगार सहायक द्वारा यदि किसी जनप्रतिनिधि की आबाज को दबा दी जाए तो ये शर्मसार करने से कम नही है।
मामला जिले के पिछोर जनपद के ग्राम आसपुर का है जहां सरपंच गुड्डी आदिवासी पत्नी तसीम आदिवासी ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को आवदेन देकर गुहार लगाई है कि सचिव तथा सहायक सचिव दोनों ने ही फर्जी तरीके तथा बिना मेरी सहमति से मेरी हस्ताक्षर डिवाइस लगाकर पंचायत के लाखों रुपये निकाल लिए हैं और जिस काम के लिए रुपये निकाले हैं वो कार्य भी इन सचिवों द्वारा नही कराए गए हैं जिससे सरपंच गुड्डी आदिवासी ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को आवेदन देकर उक्त राशि को पंचायत के कार्यों में लगाने तथा सचिवों पर कार्यवाही की मांग की है।

ग्रामीण कर चुके सीएम हेल्पलाइन पर कई बार शिकायत

सचिवों द्वारा किए गए कारनामों की शिकायत ग्रामीणों द्वारा कई बार सीएम हेल्पलाइन में कई गई लेकिन इन भ्रष्ट सचिवों पर कोई कार्यवाही नही हुई है।
गांव के नागरिक बलराम यादव द्वारा 27 जनवरी को सीएम हेल्पलाइन में शिकायत क्रमांक 7714212 पर शिकायत की थी कि एक सी सी निर्माण हेतु तत्कालीन प्रभारी सचिव अरविंद चौहान (जो वर्तमान में रोजगार सहायक है) द्वारा 3 लाख रुपये की राशि निकाली गई है लेकिन उक्त निर्माण कार्य मे नही लगाई गई है जो शिकायत जांच के उपरांत सत्य पाई गई थी जिसपर तत्कालीन प्रभारी सचिव अरविंद चौहान को कारण बताओ नोटिस थमाकर तीन दिवस में कार्य प्रारम्भ करना सुनिश्चित किया था परन्तु न तो वो कार्य हुआ और न ही उस पर कोई कार्यवाही हुई।
इसी प्रकार ग्राम के अन्य लोग ऋषि कुमार यादव एवं लक्ष्मण सिंह यादव भी सीएम हेल्पलाइन में सचिवों की शिकायत कर चुके हैं।

मुख्य सचिव ने भी निकाली लाखों की राशि

मुख्य सचिव अमरसिंह लोधी के आने के बाद तत्कालीन प्रभारी सचिव अरविंद सिंह चौहान से प्रभार हट कर मुख्य सचिव अमरसिंह लोधी के पास आ गया जिसके बाद सरपंच को गुमराह करके मुख्य सचिव अमरसिंह लोधी ने भी पंचायत की लाखों की राशि निकाल ली और निर्माण कार्य नही कराया इस प्रकार पूरे मामले को देखा जाए तो दोनों ही सचिवों ने सरपंच को गुमराह करके पंचायत की लाखों रुपये की राशि हड़पकर निर्माण कार्य नही कराया है।

मनरेगा में चल रहे वर्षों पुराने कार्य पड़े अधूरे,हितग्राहियों से की जा रही पैसों की मांग

ग्राम पंचायत आसपुर भ्रष्टाचारों की भेंट चढ़ गई है यहां एक के बाद के भ्रष्टाचार सचिवों द्वारा किए गए हैं जिनकी पोल अब सरपंच एवं ग्रामीणों द्वारा खोल दी गई है ग्रामीणों का आरोप है कि मनरेगा में चल रहे कूप,तालाब,मेड़ बंधन सहित अन्य काम वर्षों पुराने हैं जो अधूरे पड़े हुए हैं जिनके सचिवों द्वारा मस्टर शून्य कर दिए जाते हैं और यदि हितग्राहियों द्वारा इनके संबंध में सचिवों से बात की जाती है तो हितग्राहियों से पैसों की मांग की जाती है।

लॉकडाउन जैसी स्थिति में सचिवों के रहते हैं फ़ोन बन्द

आपको बता दें कि लॉकडाउन जैसी गम्भीर स्थिति में लोग परेशान हैं जिससे सभी कर्मचारियों को अपने कार्यक्षेत्र में रहकर लोगों की समस्याओं का समाधान करें लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि आसपुर पंचायत के दोनों सचिवों के फ़ोन बन्द रहते हैं और ये लोग ग्राम पंचायत में नही आते हैं।

इनका कहना है

1.मुझे जानकारी नही हैं की पैसे कब निकले मेरी डिवाइस सचिव के पास थी
गुड्डी आदिवासी,सरपंच आसपुर


2.स्टेटमेंट निकलवा रहा हैं उसके बाद सब सामने आ जाएगा ,सचिव को फोन किया तो बंद मिला और मौके पर भी नही मिला
पंचायत इंस्पेक्टर

2. उसका बैंक स्टेटमेंट निकलवा रहे हैं। जो भी सामने आएगा उसके अनुसार देखा जाएगा 

श्यामलाल टैंगोर,सीईओ जनपद पंचायत पिछोर
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