कोरोना आपदा में चिकित्सकीय स्टाफ की असुरक्षा को लेकर स्वास्थ्य कर्मचारी संघ में रोष, सौंपा ज्ञापन


शिवपुरी। कोविड महामारी में कार्यरत चिकित्सक, नर्स, पैरामेडीकल स्टाफ को नहीं मिले सुरक्षा उपकरण
शिवपुरी-कोरोना जैसी महामारी के बीच अपनी जान पर खेलकर मरीज की जान बचाने वाले चिकित्सक, नर्स, पैरामेडीकल स्टाफ इन दिनों पूर्ण रूप से अपना कार्य ईमानदारी से कर रहे है बाबजूद इसके इन सभी चिकित्सकीय टीम के प्रति शासन गंभीर नहीं यही कारण है कि प्रदेश और देश में अनेकों जगह कई चिकित्सक कोरोना जैसी महामारी का शिकार हुए और कई आज भी कोरोना में घिरे हुए है ऐसे में इन चिकित्सकों की असुरक्षा को लेकर मप्र स्वास्थ्य कर्मचारी संघ में रोष व्याप्त है और स्वास्थ्य कर्मचारी संघ  के जिलाध्यक्ष मनोज भार्गव ने इस मामले में अपनी तीखी प्रतिक्रिया के माध्यम से शासन को ज्ञापन देकर अवगत कराया है कि इन सभी चिकित्सका, नर्स, पैरा मेडीकल स्टाफ और अन्य सभी स्वास्थ्यकर्मियों को समय रहते सुरक्षा उपकरण प्रदाय किए जाए ताकि यह भी अपने आप को सुरक्षित कर सके और अपने कर्तव्य के प्रति भी सजग रहे। मप्र स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष मनोज भार्गव ने सौंपे ज्ञापन में बताया है कि जिला चिकित्सालय शिवपुरी के विभिन्न वार्डों एवं पैथोलॉजी, ट्रामा सेन्टर सहित स्टाफ को पर्याप्त मात्रा में पी.पी.ई. किट, एन-95 मास, ग्लब्ज, सेनेटाईजर, हेयर कैप तथा अन्य उपकरण उपलब्ध नहीं कराये जा रहे है तथा कम मात्रा में दिए जा रहे है।
मप्र स्वास्थ्य कर्मचारी संघ मांग करता है कि उपरोक्त सामग्री स्टोर से तो इश्यू हो चुकी है परन्तु उपरोक्त सेक्सनों में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं कराई जा रही है जिसमें स्टाफ को संक्रमित होने की प्रबल संभावना है। जब भी कोई मरीज डॉक्टर ड़्यूटी रूम में आता है तो डॉक्टर सहित समस्त स्टाफ विथ चैनल के असुरक्षित होता है। इसी तरह पैथोलॉजी में गर्भवती माताऐं एवं अन्य मरीजों की जांच सिर्फ ग्लब्ज, तथा एक डिलीवरी किट को लगातार 1 दिन उपयोग के लिए निर्देश्तिा किया जा रहा है जो कि गाईड लाईन के हिसाब से गलत है इसके साथ ही लोक मास्क वितरित किए जा रहे है, एन-95 मास्क नहीं दिए जा रहे। इन सभी समस्याओं को लेकर मप्र स्वास्थ्य कर्मचारी संघ द्वारा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला शिवपुरी को ज्ञापन देकर समस्याओं के निराकरण की मांग की है ताकि इन सामग्रीयों के उपयोग से चिकित्सक, नर्स, पैरा मेडीकल स्टाफ व अन्य स्वास्थ्यकर्मी कोरेाना आपदा में अपना बचाव कर सके।
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