क्या ठेका बदलने पर शिवपुरी जिले को कर दिया पुराने ठेकेदार ने लॉक डाउन में भी शराब मय

क्या ठेका बदलने पर शिवपुरी जिले को कर दिया पुराने ठेकेदार ने लॉक डाउन में भी शराब मय


"भैया जी" की कलम से

शिवपुरी ।। शिवपुरी जिले में शराब को लेकर एक नया अध्याय बनता जा रहा है । शिवपुरी जिले में शराब बड़ी मात्रा में बेची जाती है । लंबे समय से यह शराब और शराब की ठेकेदारी लगभग एक ही कंपनी के हाथ में पूरी बागडोर रही है शिवपुरी में । शिवपुरी में शराब का कारोबार में एक ग्रुप लक्ष्मी नारायण ग्रुप का बोल बाला रहा है जो एक लंबे समय से है पूरे जिले में राज करने के कारण उनकी तूती बोलती है ।

अब बार करते है आज की जैसे जैसे समय बदल काल बदले उसी प्रकार से ये ठेका और अब ठेकेदार भी बदल गए । इसके कारण कई लोगो को तो अच्छा लगा लेकिन कुछ लोगो मे मायूसी छा गयी । आज की स्थिति में जैसे ही ठेका बदलने की सूचना पुराने ठेकेदार को लगी तो लंबे समय से ठिकाना बदलने के कारण हर बार उन्हीं के ठेके को बार-बार मिलना के कारण उनको यकीन था कि इस बार भी ठेका उन्हीं को मिलेगा तो हर बार की तरह इस बार भी उनके पास शराब का एक व्यापक पैमाने पर स्टॉप था जिसका यह नतीजा हुआ कि जैसे ही ठेका बदला शिवपुरी जिले में दुकान दुकान है और गोदाम सील थे फिर भी पूरे जिले को शराब से नहला दिया गया .......

जिले के शायद ही कोई क्षेत्र बचा हो जहां पर शराब न पहुची हो....

 यह ना कहा गया हो के आओ और ले जाओ .......

मर्जी हो तो चुकाओ हो नहीं तो ले जाओ चिंता मत करो .......

ले लेंगे भाई चिंता मत करो........

अरे आधे पैसे दे दे चिंता मत कर....

आधे भी न हो तो दे देना बाद में चिंता मत तू अपना आदमी है .....

आबकारी विभाग की ढील सूचना के बाद भी नही हो रही कार्यवाही । जिला कलेक्टर शिवपुरी के बार बार आबकारी अधिकारी को चेताने के बाद भी कार्यवाही नही ,  पुलिस की चेतना से ही रुक पाई खुली दुकानदारी । 

क्यों बहरा बना हुआ है आबकारी अधिकारी .....? 

क्या आबकारी अधिकारी की मिलीभगत से हो रही पूरे जिले में काला बाज़ारी .....?

दोषी कौन आबकारी अधिकारी या ठेकेदार ....?

क्या अब मिलेगी आबकारी अधिकारी को सज़ा या रहेगा सरपरस्ती का हाथ .......?


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