शासन के नियमों को ठेंगा दिखा रहा कृषि उपज मण्डी शिवपुरी, आदेश के बाद भी मण्डी निरीक्षक लोहिया पर दर्ज नहीं हो पा रही एफआईआर | Shivpuri News


भावांतर का घोटाला, दोषी पर अब तक कार्यवाही नहीं

सुनील रजक शिवपुरी। तत्कालीन मप्र की भाजपा सरकार द्वारा किसानों के लिए शासन की महत्वाकांक्षी योजना भावांतर को लागू किया गया था ताकि किसानों को उनकी उपज के मूल्य के साथ फसल के अंतर की राशि भी प्रदाय कर उन्हें लाभान्वित करते हुए आत्मनिर्भर बनाया जाए लेकिन इस योजना को शासन की मातहतों ने ठेंगा दिखा दिया और कृषि उपज मण्डी समिति शिवपुरी में पदस्थ मण्डी निरीक्षक रघुनाथ लोहिया द्वारा मण्डी प्रबंधन से सांठगांठ कर किसानों के भावांतर की राशि को डकार लिया गया और इस मामले में गड़बड़ी पाए जाने के बाद भी आज दिनांक तक मण्डी निरीक्षक लोहिया पर कोई कार्यवाही नहीं हुई। जबकि इस संदर्भ में भोपाल से कई बार पत्राचार हुए लेकिन मण्डी बोर्ड के बार-बार पत्र लिखने के बाद भी ना तो मण्डी प्रबंधन शिवपुरी द्वारा इस मामले में कोई उचित कदम उठाया गया और ना ही पुलिस प्रशासन द्वारा मण्डी प्रशासन के समक्ष पहुंचकर इस मामले में कोई कार्यवाही की जा सकी। हालांकि बार-बार पुलिस ने इस मामले में मण्डी  शिवपुरी से रघुनाथ लोहिया के मामले में जानकारी मांगी और मण्डी तक पुलिस पहुंची भी लेकिन मामले में ना तो अब तक मण्डी निरीक्षक पर कोई एफआईआर हुई और ना ही इस मामले में मण्डी सचिव शिवपुरी कहें या फिर पुलिस द्वारा कोई कार्यवाही की बात कहें, यहां दोनों ने ही इस मामले को भरसक दबाने का प्रयास किया और आज भी यह किया जा रहा है। इसमें ना ही पुलिस इस मामले को गंभीरता से ले रही और मण्डी प्रबंधन शिवपुरी भी मामले में अधिक करने की स्थिति में नजर नहीं आ रहा है। इससे प्रतीत होता कि वर्ष 2018 के भावांतर घोटाले की आंच में फंसा मण्डी शिवपुरी का यह प्रबंधन अब अपने विभाग के ही मण्डी बोर्ड के द्वारा जारी आदेशों को ठेंगा दिखा रहा है जिसमें मण्डी बोर्ड से भी कई बार पत्राचार हुए लेकिन मण्डी निरीक्षक पर अब तक कोई कार्यवाही नहीं की गई। जिससे पता चलता है कि कहीं ना कहीं पुलिस, मण्डी शिवपुरी द्वारा इस मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।

दो साल और अब तक नहीं हुई एफआईआर

वर्ष 2018 में भावांतर येाजना को लेकर कृषि उपज मण्डी समिति के मण्डी निरीक्षक रघुनाथ लोहिया के खिलाफ जांच में दोषी पाते हुए एफआईआर करने के निर्देश जारी हुए थे। इस सदंर्भ में मण्डी कार्यकाल पूर्ण होने के बाद यहां पदस्थ भार साधक अधिकारी (एसडीएम) को मण्डी बोर्ड भोपाल द्वारा 3.11.2018 को पत्र क्रं.भाभुयो/2018/रबी-49/2895 के माध्यम से शिवपुरी कृषि उपज मण्डी को पत्र लिखकर   तत्समय प्याज एवं लहसुन खरीदी के जांच प्रतिवेदन अनुसार अनियमितता के संबंध में मण्डी निरीक्षक रघुनाथ लोहिया को उत्तरदायी मानकर  संदर्भित पत्र के साथ अन्य कार्यवाही के साथ ही श्री लोहिया के विरूद्ध एफआईआर दर्ज करने की कार्यवाही मण्डी सचिव शिवपुरी को लिखा गया था जिस पर सचिव मंडी समिति शिवपुरी द्वारा नगर निरीक्षक थाना प्रभारी पुलिस थाना कोतवाली शिवपुरी में रघुनाथ लोहिया के विरूद्ध प्राथमिकी रिपोर्ट दर्ज करने हेतु पत्र क्रं.1325 दिनांक 26.11.2018 से लिखा गया था। इसके बाद भी मण्डी बोर्ड मुख्यालय द्वारा दिए गए निर्देश तथा मण्डी सचिव द्वारा पुलिस थाने में लिखे जाने के उपरांत मण्डी निरीक्षक लोहिया के विरूद्ध एफआईआर दर्ज करने की कोई जानकारी नहीं भेजी गई और इस संदर्भ में एक बार नहीं बल्कि कई बार पत्राचार भी हुए। ऐसे में वर्ष 2018 के मामले में दोषी पाए गए मण्डी निरीक्षक पर आज करीब दो वर्ष होने को है अब तक कोई भी मामला पुलिस थाना कोतवाली में एफआईआर तक नहीं हो सकी। इस मामले में मण्डी शिवपुरी और पुलिस प्रशासन दोनों की ही शिथिल कार्यवाही को इसके लिए जिम्मेदार माना जा सकता है।

एसडीएम ने भी लिखा मण्डी शिवपुरी को पत्र, तीन दिन में मांगी रिपोर्ट

शासन के आदेशों की किस प्रकार से अव्हेलना की जाती है  इसकी नजीर कृषि उपज मण्डी समिति शिवपुरी में देखने को मिल रही है। एक ओर जहां मण्डी बोर्ड के आदेशों को दरकिनार किया जा रहा है तो वहीं दूसरी ओर अब भारसाधक अधिकारी (एसडीएम) के आदेश को भी धता बताया जा रहा है। मण्डी बोर्ड के आदेश का पत्र मिलने के बाद एसडीएम अतेन्द्र सिंह गुर्जर ने इस मामले में मण्डी निरीक्षक रघुनाथ लोहिया पर भावांतर योजना में अनियमितता बरतने पर पुलिस में एफआईआर दर्ज करने को लेकर 22 जनवरी 2020 पत्र लिखा था  लेकिन इस पत्र का जबाब बीते आज करीब 20 दिन हो गए है इसके बाद भी मण्डी सचिव शिवपुरी द्वारा क्या कार्यवाही की गई के बारे में सूत्रों के अनुसार कोई जानकारी नहीं दी गई। जबकि एसडीएम ने इस मामले में तीन दिनों में ही जबाब मांगा था और मामले में उचित कार्यवाही को लेकर अधोहस्क्षरयुक्त दस्तावेज उपलब्ध कराने की बात कही थी। सूत्रों ने बताया कि इस मामले में मण्डी प्रबंधन द्वारा मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया यही कारण है कि आज 20 दिन बीतने को है और ना तो मण्डी निरीक्षक रघुनाथ लोहिया पर एफआईआर हुई और ना ही पुलिस ने इस मामले में कोई जबाब-तलब किया।

इनका कहना है
हमने दस्तावेज उपलब्ध करा दिए है मण्डी बोर्ड से भी जानकारी मांगी जा रही है हम दे रहे है, हम सर्टिफाईड कॉपी पुलिस कोतवाली को दे रहे है मण्डी बोर्ड के अनुसार इस मामले में आगामी समय में एफआईआर दर्ज हो जाएगी।
ए.एस.तोमर
सचिव, कृषि उपज मण्डी समिति, शिवपुरी
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