नियम विरुद्ध तरीके से वाणिज्य विषय के अतिथि विद्वानों को किया गया फॉलन आउट | Shivpuri News


शिवपुरी। शासकीय श्रीमंत माधवराव सिंधिया स्नातकोत्तर महाविद्यालय शिवपुरी में वाणिज्य विषय में कार्यरत अतिथि विद्वान केदार श्रीवास को 16 दिसंबर 2019 को एक नियमित सहायक प्राध्यापक की जॉइनिंग के पश्चात कार्यमुक्त किया गया जबकि डॉ रामजी दास राठौर को दूसरे सहायक प्राध्यापक की जॉइनिंग के पश्चात 27 दिसंबर 2019 को कार्यमुक्त किया गया। यहां बताना आवश्यक होगा कि महाविद्यालय में शासन द्वारा 3 सहायक प्राध्यापकों को ज्वाइन कराने संबंधी आदेश मध्यप्रदेश शासन से प्राप्त हुए थे जबकि महाविद्यालय में कार्यरत अतिथि विद्वान केवल दो हैं तथा तीसरे सहायक प्राध्यापक ने अभी तक अपना कार्यभार नहीं संभाला है। मध्यप्रदेश शासन द्वारा महाविद्यालय में 3 पद वाणिज्य विषय के दर्शाए गए हैं। इसलिए अतिथि विद्वानों का जो फालन आउट महाविद्यालय प्रशासन द्वारा किया गया वह पूर्णतः नियम विरुद्ध था। पहले व्यक्ति को ज्वाइन कराते समय किसी भी अतिथि विद्वान को फालन आउट करने की आवश्यकता नहीं थी। दूसरे सहायक प्राध्यापक की जॉइनिंग के समय के प्रो केदार श्रीवास को कार्यमुक्त किया जाना था तथा जिस समय तीसरा सहायक प्राध्यापक ज्वाइन करता उस समय डॉ. रामजी दास राठौर को कार्यमुक्त किया जाना था। कॉलेज प्रशासन द्वारा पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाते हुए शासन के नियमों को भी दरकिनार किया गया जबकि मध्यप्रदेश शासन की वेबसाइट पर यह स्पष्ट रूप से निर्देश था कि जब तक सहायक प्राध्यापक पद ग्रहण न करें अतिथि विद्वानों को कार्यमुक्त न किया जाए। इस संबंध में अतिथि विद्वानों का महाविद्यालय प्रशासन द्वारा पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया गया है। केदार श्रीवास ने अपने कार्यमुक्ति के समय समझाने का प्रयास किया लेकिन महाविद्यालय प्रशासन द्वारा अनसुना किया गया। इस संबंध में महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य प्रो महेंद्र कुमार से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि फालन आउट की प्रक्रिया समझने में गलती हुई है तथा डॉ. यू.सी. गुप्ता से जब इस संबंध में बात की गई तो वह भी इस प्रक्रिया के संबंध में संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके तथा कंप्यूटर ऑपरेटर एवं प्रो. विकास से जानकारी लेने की बात कहने लगे। इस पूरे मामले की तह तक जाने पर यह पता लगा की शासकीय कन्या महाविद्यालय में कार्यरत प्रो. एस.एस खंडेलवाल की सैलरी महाविद्यालय प्रशासन द्वारा शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय शिवपुरी से निकाली जा रही है जबकि वह शासकीय कन्या महाविद्यालय शिवपुरी में कार्यरत हैं तथा वहां वाणिज्य विषय में केवल 1 पद स्वीकृत है जिस पर प्रोफेसर एन.के जैन पूर्व से कार्यरत हैं। प्रो. एस.एस खंडेलवाल की सैलरी किसी अन्य स्थान से निकाली जाए अथवा प्राचार्य के पद से निकाली जाए जिससे कि अतिथि विद्वानों का फॉलन आउट रोका जा सकता है जो कि न्यायोचित है क्योंकि प्रो.एस.एस. खंडेलवाल द्वारा अपना ट्रांसफर व्यक्तिगत कारणों के चलते शासकीय कन्या महाविद्यालय में कराया गया था जो कि पूर्व से ही नियम विरुद्ध था तथा इसलिए महाविद्यालय प्रशासन उनके बचाव में उतरते हुए इस सारी कार्यवाही को अंजाम दे रहा है। अतिथि विद्वानों के साथ किए गए मानसिक एवं आर्थिक शोषण की क्षतिपूर्ति हो सके तथा उन्हें न्याय प्राप्त हो सके। इसलिए वरिष्ठ अधिकारियों को इस मामले की जानकारी दी गई है।
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