जानिए अर्धनारीश्वर मंदिर से जुड़ी कुछ बातें

श्री अर्धनारीश्वर मंदिर से जुड़ी कुछ बात करे तो
श्री अर्धनारीश्वर मंदिर पर कई वर्षों तक सन्त श्री ब्रह्मचारी बाबा जी ने अपना तप पूजा की। ब्रह्मचारी बाबा द्वारा इस स्थान का  संरक्षण ओर मंदिर की सेवा पूजा सेवा नीरज शर्मा द्वारा कराई जाती रही है  । ब्रह्मचारी बाबा जी के ब्रह्मलीन होने के बाद सन्त श्री भेरौदास जी बांसुरी वाले बाबा ने आकर मंदिर की व्यवस्था ,देखी जिसमे श्री राजबल्लभ सिंह चौहान ( TI )  जी , अजय शुक्ला , योगेन्द्र सिंह जी तौमर, अनुप सिंह जी ,श्री अजय जुनेजा आदि तमाम भक्त गण द्वारा व्यवस्था देखी , तत्पश्चात भेरौदास महाराज जी ने ,  अनूप कुमार शर्मा शिक्षक को चाबी सौपकर मंदिर की व्यवस्था हेतु उसी समय नीरज टीटू पुजारी को पुजारी बनाकर के सेवा कराई ।
आआज वर्तमान में सभी चरण सेवक मिलकर मंदिर की शिखर तथा महामृत्युंजय महादेव जी की स्थापना दान दाताओ से सहयोग लेकर के सभी चरण सेवक मिलकर के उक्त कार्य को सम्पन्न करा रहे है । 

श्री भेरौदास जी सरकार ने अपने ब्रह्मलीन होने के कुछ समय पूर्व मंदिर की चाबी ओर व्यवस्था *अनुप शर्मा* जो कि पेशे से शिक्षक है ओर दांतो के डॉक्टर भी है अनुप शर्मा जी ने अपने स्कूल कार्य के साथ  बाबा की सेवा में भी  लगे रहने के कारण  बाबा ने मंदिर के संरक्षण और देख रेख की व्यवस्था दे  दी और प्रति माह अमावस को ब्राहमण ओर गरीबो के भोजन कराने की जिम्मेदारी भी सौंप दी । उसी समय से लगातार आज 12 वर्षो से मंदिर  पर अमावस भोजन का क्रम चलने लगा । और मंदिर के भक्तों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ने लगी ।  वर्तमान में मंदिर पर जो  मृत्युंजय महादेव जी की स्थापना की जा रही है । जिसमें दोनो परम्  सिद्ध संतो से जुड़े शिष्य गण ओर समस्त अर्धनारीश्वर मंदिर परिवार से जुड़े भक्तो के सहयोग से यह आयोजन चल रहा है । 

पं विकासदीप शर्मा मंशापूर्ण  ज्योतिष , लक्की अग्रवाल, सन्नी गुप्ता, जितेन्द्र शर्मा, राजू शर्मा विनोद शर्मा सभी मंदिर भक्तो  से  सम्मलित चर्चा के अनुसार श्री  ब्रह्मदेव द्विवेदी झंडा वाले जी आचार्यत्व में   इस आयोजन में मुख्य यजमान के रूप में ब्रह्मचारी बाबा के परम शिष्य नीरज शर्मा को एक भागवत के मूल पाठ का यजमान बनाया गया है । ओर श्री योगेन्द्र तौमर (  डब्बू भाई ) जो कि बाबा भेरौदास जी के शिष्यों में से एक है उनको भागवत के मूल पाठ का उत्तराधिकारी बनाया गया है । शिव महापुराण के यजमान पुजारी मुकेश जी को बनाया गया है । ओर  महामृत्युंजय पाठ के  यजमान श्री  लक्की सक्सैना है । ओर दुर्गा सप्तसती का पाठ यजमान श्री सीताराम जी भार्गव है । 
इस पूरे आयोजन  में मंदिर से जुड़े समस्त भक्त मंडल ओर बाबा के चरण सेवक मंडल द्वारा किया जा रहा है । सभी का विशेष योगदान, दान, ओर सहयोग इस प्रोग्राम में होने से इस धार्मिक आयोजन को सफलता की ओर अग्रसर कर रहा है ।

जल मंदिर छेत्र में लगभग 11 से 15 मंदिर आसपास जुड़े हुए है । और अर्धनारीश्वर मंदिर उन सभी मंदिरों का ईशान  देव छेत्र होने से यहां शिव का वास होना और साथ ही महामृत्युंजय महादेव के स्थापित होने शहर के विकास के  लिए  विशेष भूमिका अदा करेगा ।  महामृत्युंजय महादेव आयु , रोग, कष्ट ,  पित्र बाधा से होने वाली परेशानी, ओर विपदा से रक्षा करने वाले  पंचानन महादेव है ।

22.01. 2020 से 29.01. 2020 तक इस धार्मिक  आयोजन में अवश्य पधारे ।
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