राजनीति में युवाओं को आकरदेश को ईमानदारी का आईना दिखाना चाहिए: डॉ. राठौर | Shivpuri News


शिवपुरी। वर्तमान में सभी युवा अपनी शिक्षा प्राप्त कर बेहतर कैरियर बनाना चाहते हैं। युवाओं के दृष्टिकोण में केवल नौकरी करने से ही जीवन को बेहतर बनाया जा सकता है। युवाओं की सोच है कि राजनीति गंदी है हमें राजनीति से क्या लेना देना? यह सोच भारतीय राजनीति की बदहाल स्थिति के लिए जिम्मेदार है। युवाओं में ऊर्जा का भंडार होता है उनके अंदर इच्छाशक्ति होती है। युवाओं को राजनीति में भी भाग्य आजमाना चाहिए। युवाओं में उतनी क्षमता होती है कि वह दूषित राजनीति को शुद्ध कर सके। राजनीति की गंदगी साफ होनी चाहिए। यदि देश का युवा पढ़ा लिखा, जागरूक, जुझारू कर्मठ है तो निश्चित रूप से इस राजनैतिक गंदगी को साफ किया जा सकता है। युवा किसी भी वर्ग का हो उसे नियमानुसार आरक्षण प्राप्त होता है‌। युवाओं को इन सभी अवसरों का सदुपयोग करना चाहिए। वही देश तरक्की करता है, जहां पर स्वच्छ राजनीति होती है। यह बात डॉ.रामजी दास राठौर ने शासकीय श्रीमंत माधवराव सिंधिया स्नातकोत्तर महाविद्यालय शिवपुरी के छात्र छात्राओं को वर्तमान में राजनीति में युवाओं की भूमिका विषय पर संबोधित करते हुए बताई। उन्होंने बताया कि राजनीति में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने की जरूरत है। युवाओं को भी आगे बढ़ कर राजनीति में आते हुए देश व समाज के विकास में योगदान करना चाहिए। आवश्यकता यह है कि युवा चुनावी राजनीति में तो सक्रिय बने ही, साथ ही साथ सामाजिक ज्वलंत मुद्दों पर भी उनकी सक्रियता हो। उनकी ऊर्जा, योग्यता, संवेदनशीलता और देशप्रेम की आहुति पाकर देश का राजनीतिक परिदृश्य निश्चित ही बदलेगा। 
युवाओं की राजनीति में गहराती दिलचस्पी ने लोकतंत्र का चेहरा अधिक उजला किया है और राजनीति में जिस ईमानदारी की मांग लंबे समय से की जा रही थी उसके लिए जगह बनाने का काम भी किया है। युवाओं ने राजनीति को बदल दिया है। इन युवाओं की निष्ठा स्थायी रूप से किसी पार्टी के लिए नहीं है। पार्टियों को भले लगता हो कि वे युवाओं को अपनी तरफ खींच लेंगी तो वह उसकी तरफ आ जाएगा, जरूर उसकी तरफ आ जाएगा लेकिन कोई और उसे अच्छा विकल्प देगा तो वह उसकी तरफ भी चला जाएगा। इसलिए सभी राजनीतिक पार्टियों को युवाओं को केंद्र में रखकर अपनी नीति निर्धारण करना चाहिए। देश के युवाओं को ध्यान में रखकर सभी राजनीतिक पार्टियां अपनी नीति निर्धारित कर भारत देश के युवाओं की कार्यक्षमता का देश के विकास में सदुपयोग करें। जिंदगी में समस्या तो हर दिन नई खड़ी है,जीत जाते है वो जिनकी सोच कुछ बड़ी है। युवाओं की सोच रचनात्मक होती है। युवाओं को राजनीति को एक कैरियर के साथ-साथ समाज सेवा के रूप में भी अपने जीवन में शामिल करना चाहिए। यदि युवा देश की बेहतर तरक्की चाहते हैं और यदि उनके पास सामाजिक कार्य करने की क्षमता है, तो समय आने पर युवा होने के नाते राजनीति में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। इस अवसर पर महाविद्यालय के अन्य छात्र-छात्राओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
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