अतिथि विद्वानों के नियमितीकरण के लिए विधानसभा में विधेयक लाए सरकार : डॉ. रामजी दास राठौर | Shivpuri News


शिवपुरी। अतिथि विद्वान नियमितीकरण संघर्ष मोर्चा द्वारा अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शाहजनी पार्क भोपाल में किया जा रहा है। इस धरने प्रदर्शन में मध्यप्रदेश के अतिथि विद्वान शामिल हैं।अतिथि विद्वानों द्वारा विभिन्न माध्यमों से सरकार द्वारा अपनी आवाज पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। धरना स्थल पर सुंदरकांड,हवन यज्ञ इत्यादि धार्मिक माध्यमों से भी ईश्वर से प्रार्थना की जा रही है कि अतिथि विद्वानों के संबंध में सरकार सकारात्मक निर्णय ले। सरकार की तरफ से बार-बार केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं कि नियमितीकरण की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी जिससे अतिथि विद्वान संतुष्ट नहीं हैं। इस संबंध में धरना स्थल पर विचार व्यक्त करते हुए शिवपुरी के अतिथि विद्वान डॉ रामजी दास राठौर ने बताया यदि मध्य प्रदेश सरकार उच्च शिक्षा में गुणवत्ता के साथ कार्य करना चाहती है तो अनिवार्य रूप से प्रदेश के सभी महाविद्यालयों में नवीन पदों के सृजन के साथ कार्यरत सभी अतिथि विद्वानों को उनके संबंधित महाविद्यालयों में नियमित किया जाना आवश्यक है। यदि अतिथि विद्वानों को नियमित नहीं किया जाता है तो जिस शैक्षणिक गुणवत्ता की बात शासन द्वारा बार-बार कही जाती है वह किसी भी स्थिति में संभव नहीं है, क्योंकि प्रदेश के सभी महाविद्यालयों में पीएससी द्वारा चयनित सहायक प्राध्यापकों के बाद भी अत्यधिक कार्यभार  होने के कारण छात्र छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। एक सहायक प्राध्यापक द्वारा 300 छात्र संख्या  की क्लास प्रदेश के कई महाविद्यालयों में संचालित हैं। प्रदेश के महाविद्यालयों में जो व्यक्ति कार्यरत हैं उन्हें शासन द्वारा प्रदत विभिन्न योजनाओं की जानकारी समय-समय पर भेजनी पड़ती है। इस वजह से वह अपना समय शैक्षणिक कार्य में नहीं दे पा रहे हैं। इन सभी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए मध्य प्रदेश सरकार द्वारा विधानसभा में अतिथि विद्वानों नियमितीकरण  के संबंध में तत्काल एक विधेयक लाना चाहिए। इस विधेयक का समर्थन पक्ष और विपक्ष के सभी विधायकों द्वारा किया जाएगा क्योंकि अतिथि विद्वान नियमितीकरण संघर्ष मोर्चा के मंच पर ना केवल वर्तमान सरकार के मंत्री आ रहे हैं, साथ ही भूतपूर्व सरकार के मुख्यमंत्री, मंत्री एवं पूरा विपक्ष भी अतिथि विद्वानों के नियमितीकरण के संबंध में एक साथ खड़ा है। जब सभी लोग जनहित के मुद्दे पर एक साथ हैं इसलिए अतिथि विद्वानों के नियमितीकरण के संबंध में किसी प्रकार की कोई बाधा उत्पन्न नहीं होगी। इससे पूर्व भी सरकार द्वारा तदर्थ एवं आपाती व्यवस्था के तहत नियुक्त सहायक प्राध्यापकों का नियमितीकरण किया गया था।इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए जनहित में सरकार द्वारा एक साहसिक कदम उठाया जा सकता है। जहां तक अतिथि विद्वानों की योग्यताओं का संबंध है तो जो व्यक्ति यूजीसी की योग्यताओं को पूरा नहीं करते हैं उन्हें 3 साल का समय अपनी योग्यताओं को पूरा करने की शर्त के साथ नियमितीकरण की प्रक्रिया में शामिल किया जा सकता है, क्योंकि सभी साथियों ने अपने महत्वपूर्ण समय एवं श्रम को इस व्यवस्था में दिया है। सरकार द्वारा 5200 अतिथि विद्वानों की विषम परिस्थितियों को देखते हुए तथा उनके परिवारजनों को ध्यान में रखते हुए एक सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए। इस व्यवस्था में कई साथी अतिथि विद्वान विषम परिस्थितियों से गुजर रहे हैं कि यदि उनके पास से यह रोजगार का अवसर चला गया तो अतिथि विद्वान के साथ उनके परिवार जन भी दाने-दाने को मोहताज हो सकते हैं। अतिथि विद्वानों के धरना प्रदर्शन में शिवपुरी से डॉ रामजी दास राठौर डॉ आनंद मिश्रा डॉ गिरीश मिश्रा प्रो दिलीप तोमर प्रो रामचंद्र शर्मा डॉ साधना रघुवंशी प्रो अंशु जैन प्रो शोभा वार्ष्णेय प्रो रंजना शर्मा के साथ शिवपुरी जिले के पोहरी पिछोर करैरा रन्नौद खनियाधाना महाविद्यालय के अन्य अतिथि विद्वान भी उपस्थित रहे।
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