आरक्षण पर संघ प्रमुख की राय पर राजनीति जारी, विपक्ष के हमले का पासवान ने यह दिया जवाब ! New Delhi News

आरक्षण पर संघ प्रमुख की राय पर राजनीति जारी, विपक्ष के हमले का पासवान ने यह दिया जवाब


नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने आरक्षण पर सरसंघचालक मोहन भागवत के बयान पर विवाद खड़ा हो गया है। जहां एक तरफ विपक्ष दल इसे लेकर बयानबाजी कर रहे हैं वहीं भाजपा और उसके सहयोगी दलों के अलावा संघ ने भी इसे अनावश्यक बताया है। संघ का कहना है कि भागवत ने सिर्फ किसी मुद्दे पर समाज के भीतर सौहार्दपूर्ण माहौल में चर्चा की जरूरत पर जोर दिया है।
संघ के प्रचार प्रमुख अरुण कुमार ने सोमवार को ट्वीट कर कहा कि उनके संगठन ने बार-बार यह स्पष्ट किया है कि वह दलितों, अनुसूचित जनजातियों, अन्य पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए आरक्षण का पूरी तरह से समर्थन करता है। उन्होंने कहा कि संघ प्रमुख मोहन भागवत के दिल्ली में एक कार्यक्रम में दिए गए बयान पर बेवजह विवाद पैदा करने की कोशिश की जा रही है। संघ प्रमुख ने महज इस मुद्दे पर सौहार्दपूर्ण तरीके से चर्चा की जरूरत पर बल दिया है।

वहीं लोजपा नेता रामविलास पासवान ने कहा है कि आरक्षण पर किसी तरह की चर्चा की जरूरत नहीं है और यह कभी खत्म नहीं होगा।
संघ के ट्वीट पर प्रियंका का मोदी सरकार पर निशाना

संघ के प्रचार प्रमुख अरुण कुमार के ट्वीट का हवाला देते हुए कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने मोदी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या तो संघ के इस विचार का सम्मान नहीं करते कि सभी मुद्दों को सौहार्दपूर्ण बातचीत के जरिए सुलझाया जाना चाहिए या फिर उन्हें यह नहीं लगता है कि जम्मू-कश्मीर में कोई मुद्दा है।
कांग्रेस बनाएगी मुद्दा

कांग्रेस ने आरक्षण पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत के बयान को आरक्षण की व्यवस्था खत्म करने की संघ-भाजपा की सोच का हिस्सा करार दिया है। कांग्र्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि भाजपा का असली एजेंडा गरीबों के हक पर हमला, संवैधानिक अधिकारों को कुचलना और दलितों-पिछड़ों के अधिकारों को छीनना है। भागवत के बयान से भाजपा-संघ का दलित-पिछड़ा विरोधी चेहरा उजागर हो गया है।
पार्टी के वरिष्ठ नेता पीएल पुनिया ने प्रेस कांफ्रेंस में भागवत के बयान की निंदा की और कहा कि संघ-भाजपा शुरू से ही एससी-एसटी और ओबीसी आरक्षण के खिलाफ रहे हैं। भाजपा जब भी केंद्र की सत्ता में रही है तब आरक्षण पर सवाल उठाते हुए इसे खत्म करने के प्रयास हुए। अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में संविधान समीक्षा आयोग बनाने का उदाहरण देते हुए पुनिया ने कहा कि मनुस्मृति भाजपा-संघ के संविधान का आदर्श है और बाबा साहब आंबेडकर के सामाजिक-आर्थिक बराबरी के वे शुरू से विरोधी रहे हैं।

संघ प्रमुख भागवत के बयान पर भड़कीं बसपा सुप्रीमो
बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत द्वारा आरक्षण पर दिए गए बयान को लेकर नाराजगी जताई और मानसिकता बदलने की सलाह दी।

सोमवार को मायावती ने ट्वीट किया-"आरएसएस का एससी/एसटी/ओबीसी आरक्षण के संबंध में यह कहना कि इस पर खुले दिल से बहस होनी चाहिए, संदेह की घातक स्थिति पैदा करता है, जिसकी कोई जरूरत नहीं है। आरक्षण मानवतावादी संवैधानिक व्यवस्था है जिससे छेड़छाड़ अनुचित व अन्याय है। संघ अपनी आरक्षण-विरोधी मानसिकता त्याग दे तो बेहतर है।"
यह कहा था संघ प्रमुख मोहन भागवत ने
"जो लोग आरक्षण के पक्ष में हैं उनके और जो विरोध में हैं उनके बीच सौहार्दपूर्ण वातावरण में संवाद होना चाहिए। दोनों पक्षों को एक-दूसरे की बातों को समझना चाहिए। मैंने पहले भी आरक्षण पर कहा था, लेकिन काफी शोर मच गया और असल मुद्दे पर पूरा ध्यान हट गया।"
नया पेज पुराने