ईडी ने राज ठाकरे को पूछताछ के लिए बुलाया, मनसे ने इसे बदले की राजनीति बताया ! National News

राज ठाकरे।

  • कोहिनूर सीटीएनएल कंपनी से जुड़ी जांच के सिलसिले में ठाकरे को नोटिस
  • आईएल एंड एफएस ने कोहिनूर सीटीएनएल को लोन दिया था, निवेश भी किया था
  • राज ठाकरे कोहिनूर में पार्टनर थे, बाद में उन्होंने अपने शेयर बेच दिए थे
  • इन्फ्रा सेक्टर की कंपनी आईएल एंड एफएस पर 91 हजार करोड़ का कर्ज, ईडी मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रहा

मुंबई. कोहिनूर सीटीएनएल के आईएल एंड एफएस कनेक्शन की जांच के सिलसिले में ईडी ने एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे को 22 अगस्त को पूछताछ के लिए बुलाया है। आईएल एंड एफएस ने कोहिनूर सीटीएनएल को लोन दिया था और इक्विटी इन्वेस्टमेंट भी किया था। सीटीएनएल ने लोन पेमेंट में डिफॉल्ट कर दिया। सीटीएनएल में राज ठाकरे भी पार्टनर थे। हालांकि, बाद में वे अपने शेयर बेचकर बाहर हो गए थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ठाकरे ने उसी साल शेयर बेचे जब आईएल एंड एफएस ने घाटे में सीटीएनएल के शेयर बेचे थे। ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने ईडी की कार्रवाई को बदले की राजनीति बताया है। पार्टी प्रवक्ता संदीप देशपांडे ने सोमवार को कहा कि इस साल लोकसभा चुनाव के दौरान राज ठाकरे की बातों का लोगों पर काफी असर हुआ था। महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों से पहले इस चुनौती को रोकने के लिए भाजपा ईडी का इस्तेमाल कर रही है।

सरकार पूर्वाग्रह से कार्रवाई करेगी तो प्रदर्शन करेंगे: एमएनएस

  1. महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और शिव सेना के वरिष्ठ नेता मनोहर जोशी के बेटे अनमेश जोशी को भी ईडी ने समन भेजा है। अनमेश का कोहिनूर ग्रुप कोहिनूर सीटीएनएल का पूर्व प्रमोटर है। कोहिनूर लोन डिफॉल्टर है। ठाकरे और अनमेश ने कंसोर्शियम के जरिए कोहिनूर कंपनी बनाई थी। बाद में ठाकरे ने अपने शेयर बेच दिए थे। ईडी ने राज ठाकरे को 22 अगस्त को पूछताछ के लिए बुलाया है।
  2. एमएनएस प्रवक्ता संदीप देशपांडे का कहना है कि कोहिनूर डील बहुत पुरानी है और राज ठाकरे काफी समय पहले इससे बाहर निकल चुके हैं। मुझे आश्चर्य है कि इतने दिनों बाद केंद्र ने जांच का नोटिस क्यों भेजा। देशपांडे ने आरोप लगाया कि ईडी को आवाज दबाने का हथियार बना लिया गया है। सरकार पूर्वाग्रह से ठाकरे के खिलाफ कार्रवाई करेगी तो विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
  3. इन्फ्रा, फाइनेंस और ट्रांसपोर्ट सेक्टर से जुड़ी नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनी आईएल एंड एफएस का कर्ज और नकदी संकट पिछले साल सितंबर में सामने आया था। कंपनी पर 91,000 करोड़ रुपए का कर्ज है। इसके चलते कंपनी डूबने की नौबत आ गई थी और सरकार को दखल देना पड़ा था।
  4. आईएल एंड एफएस मामले में ईडी मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रहा है। एजेंसी ने पिछले हफ्ते मुंबई की विशेष अदालत में पहली चार्जशीट दाखिल की थी। चार्जशीट के मुताबिक आईएल एंड एफएस के अधिकारियों ने कई निजी कंपनियों को डिफॉल्ट के बावजूद कर्ज दिए थे।
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