कोलारस कांड: एसआई सुनील राजपूत खुद अपने स्टेटमेंट से पलटे, आखिर क्या हैं माजरा | Kolaras News


कोलारस। अभी अभी कुछ दिनों पूर्ब कोलारस थाना अन्तर्गत देहरदा तिराहे पर एक गाडी टपरिया में जा घुसी जिसमे एक ब्यक्ति की मौत हो गईं। इस मामले में कोलारस टीआई जो अभी निलंबित हो चुके हैं। उन पर विधायक वीरेंद्र सिंह रघुवंशी रघुवंशी ने आरोप लगाया था कि मौके पर वाहन चालक बीके माथुर मौजूद था। फिर भी अज्ञात में उसकी एफआईआर की गई। जिसके बाद विधायक वीरेंद्र रघुवंशी ने अपने समर्थकों के साथ मिलकर कोलारस थाने का घेराव किया। उसके उपरांत बीके माथुर का नाम एफआईआर में जोड़ा गया। उसके बाद 9:00 बजे घेराव समाप्त कर दिया गया। और विधायक वीरेंद्र रघुवंशी ने ज्यूडीशियल जांच के लिए भी कहा। इस पूरे मामले के बाद एक नया मोड़ सामने आया जिसमें निलंबित टीआई सुरेंद्र सिंह सिकरवार ने विधायक वीरेंद्र रघुवंशी पर कई तरह के आरोप लगाए कि वो अबैध कारोबार करते हैं अवैध खनन करते हैं उनके रिश्तेदारों के खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। इसलिए उन्होंने मेरे साथ ऐसा किया इस मामले के बाद एक और नया मोड़ आया जिसमें निलंबित टीआई ने मीडिया को दिए हुए स्टेटमेंट में बताया कि उन पर जो आरोप लगे हैं वो सही नही हैं इस पूरे मामले का दोषी उन्होंने कोलारस थाने में पदस्थ एसआई सुनील राजपूत को बताया हैं। सुरेन्द्र सिंह सिकरवार ने कहा कि जब एफआईआर हुई तब वो थाने पर नही थे। घटनास्थल पर मौजूद थे।  इस मामले में एक समाचार पत्र को एसआई सुनील राजपूत ने स्टेटमेंट दिया कि टीआई घटना स्थल पर गए ही नही जबकि वो अपने शासकीय आबास में मौजूद थे। और जो एफआईआर की गईं थी वो मेने टीआई साहब से पूछकर ही कि थी एवं उन्होंने ही कहा था अज्ञात में करके के लिये अब इस स्टेटमेंट पर जब एसआई सुनील राजपूत को फास्टसमाचार डॉट कॉम टीम द्वारा फ़ोन किया गया तब उन्होंने अपने स्टेटमेंट को झूठा बताया कहा कि मैने ऐसा कोई स्टेटमेंट नही दिया हैं वो अखबार बालों ने अपनी मर्ज़ी से छापा हैं। जबकि एसआई सुनील राजपूत के दोनों स्टेटमेंट की रिकॉर्डिंग फास्टसमाचार डॉट कॉम के पास हैं। अब इस मामले में एसआई सुनील राजपूत शक के घेरे में हैं। कि आखिर क्या वजह रही जो उन्होंने अपना स्टेटमेंट बदल दिया एवं खुद के स्टेटमेंट को झूठा बताया।
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