बिना डिग्री के 44 साल से एलोपैथी तरीके से इलाज कर रहे वैद्य की क्लीनिक सील ! Gwalior News

बिना डिग्री के 44 साल से एलोपैथी तरीके से इलाज कर रहे वैद्य की क्लीनिक सील


ग्वालियर। एमएस चौराहा मुरार में बिना डिग्री के क्लीनिक चला रहे वैद्य विषारद अदीव मोहम्मद गौरी के क्लीनिक पर जिला प्रशासन व स्वास्थ्य अधिकारियों ने रविवार की शाम को कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान वैद्य के पास एलोपैथी दवाएं मिलीं। साथ ही उनके पास इलाज करने की कोई डिग्री भी नहीं थी और न ही सीएमएचओ कार्यालय में क्लीनिक का रजिस्ट्रेशन था। इसके बाद अधिकारियों ने क्लीनिक से दवाओं को जब्त कर क्लीनिक सील करने की कार्रवाई की।
शिकायत पर एक क्लीनिक पर कार्रवाई कर चलता बना प्रशासन

एडीएम रिंकेश वैश्य को शिकायत मिली थी कि अदीव मोहम्मद गौरी एमएस चौराहे के पास मुरार में क्लीनिक चला रहे हैं। वे एलोपैथी पद्घति से इलाज करते हैं जबकि उनके पास इलाज करने की कोई डिग्री नहीं है। शिकायत के बाद रविवार की शाम को एसडीएम पुष्पा पुषाम, ज्वाइंट डायरेक्टर अशोक दीक्षित, सीएमएचओ मृदुल सक्सेना, सिविल सर्जन डॉ. वीके गुप्ता व अन्य अधिकारियों ने मिलकर क्लीनिक पर छापा मारा। इस दौरान क्लीनिक पर एलोपैथी की वे दवाएं भी मिलीं जो प्रतिबंधित हो चुकी हैं।
खास बात यह है कि एमएस चौराह से तिकोनिया के बीच में करीब 10 क्लीनिक होंगी जिनका रजिस्ट्रेशन न तो सीएमएचओ कार्यालय में है और न ही इनके पास कोई डिग्री होगी। लेकिन प्रशासन सिर्फ एक क्लीनिक पर ही कार्रवाई कर चलता बना।

44 साल से कर रहे थे इलाज
अदीव मोहम्मद गौरी ने वैद्य विषारद की पढ़ाई की हुई है। लेकिन इस पढ़ाई के आधार पर एलोपैथी पद्घति से इलाज नहीं किया जा सकता। जबकि मोहम्मद गौरी 1975 से लोगों का इलाज कर रहे हैं। गजब की बात यह है कि इन 44 साल में न तो जिला प्रशासन की नजर उन पर पड़ी और न ही स्वास्थ्य विभाग ने इस ओर ध्यान दिया। शहर में मोहम्मद गौरी की तरह तमाम लोग क्लीनिक खोल कर बैठे हैं जो आम आदमी की जिंदगी से चंद पैसों की खातिर खिलवाड़ कर रहे हैं। लेकिन ऐसे लोगों के खिलाफ जिला प्रशासन ने कभी कोई कार्रवाई नहीं की।

शिकायत मिली थी
शिकायत मिली थी जिस पर जांच करने के लिए क्लीनिक पर पहुंचे थे। क्लीनिक चलाने वाले युवक पर न तो एलोपैथी की डिग्री थी और न ही क्लीनिक का रजिस्ट्रेशन था। मौके पर जो दवाएं मिलीं उन्हें जब्त कर क्लीनिक सील कर दी गई है। आगे की कार्रवाई स्वास्थ्य विभाग करेगा।
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