कमलनाथ के भांजे रतुल पुरी को ईडी ने गिरफ्तार किया, 354 करोड़ के बैंक घोटाले का आरोप ! New Delhi News

  • रतुल पुरी। -फाइल

  • सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने मोजर बेयर कंपनी और निदेशकों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया था
  • रतुल पुरी मोजर बेयर के पूर्व निदेशक, 2012 में इस्तीफा दे दिया था; पिता दीपक पुरी मोजर बेयर के प्रमोटर
  • बैंक का आरोप- फर्जी दस्तावेजों से लोन लिया, कारोबारी लोन का निजी इस्तेमाल किया

नई दिल्ली. मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के भांजे और मोजर बेयर कंपनी के पूर्व निदेशक रतुल पुरी को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार रात गिरफ्तार कर लिया। मोयर बेयर कंपनी के 354 करोड़ रुपए के बैंक फ्रॉड मामले में पुरी पर कार्रवाई हुई है। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की शिकायत पर सीबीआई ने रतुल पुरी और 4 अन्य लोगों के खिलाफ रविवार को केस दर्ज किया था। इस मामले में ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत मामला दर्ज कर पुरी को गिरफ्तार कर लिया। उन्हें आज कोर्ट में पेश किया जाएगा।
रतुल पुरी ने 2012 में मोजर बेयर के डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि, उनके पिता दीपक पुरी और मां नीता पुरी अभी भी कंपनी के बोर्ड में बने हुए हैं। सीबीआई ने दीपक, नीता के अलावा मोजर बेयर से संबंधित संजय जैन और विनीत शर्मा के खिलाफ भी केस दर्ज किया था। सभी के ठिकानों पर छापे की कार्रवाई भी की गई थी।
मोजर बेयर ने ईडी की कार्रवाई को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। कंपनी का कहना है कि उसने कानून के मुताबिक काम किया। उसका केस अभी नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल में है। ऐसे में गिरफ्तारी की कार्रवाई प्रायोजित है।
खातों की गलत जानकारी देने के भी आरोप
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने फोरेंसिक ऑडिट के बाद अप्रैल में मोजर बेयर के खाते को फ्रॉड घोषित किया था। बैंक का कहना था कि मोजर बेयर 2009 से लोन ले रही थी। कई बार कर्ज की रिस्ट्रक्चरिंग करवाई। आरोप हैं कि कंपनी के निदेशकों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैंक से फंड जारी करवाया। मोजर बेयर, इसके निदेशकों और प्रमोटरों ने कारोबारी लोन का निजी इस्तेमाल किया। कंपनी की बैलेंस शीट की भी गलत जानकारी दी।
अगस्तावेस्टलैंड मामले में भी रतुल पुरी पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप
रतुल अगस्तावेस्टलैंड मामले में भी जांच के घेरे में हैं। रतुल पर उनकी कंपनी के जरिए कथित तौर पर रिश्वत लेने का आरोप है। ईडी का आरोप है कि रतुल के स्वामित्व वाली कंपनी से जुड़े खातों का उपयोग रिश्वत लेने के लिए किया गया। 3600 करोड़ रुपए की अगस्तावेस्टलैंड हेलिकॉप्टर डील से जुड़े घोटाले में भी पुरी पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप हैं।
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